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✨💍 सुनार की दुकान✨ कंगन, हार, अंगूठी नाम और रूप अलग हैं, पर वस्तु एक ही — सोना। ✨ कंगन को सोना बनने की जरूरत नहीं। वह पहले से ही सोना है। बस फर्क नज़र का है— बच्ची देखती है कंगन, सुनार देखता है सोना। वैसे ही संसार म...

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✨ ब्रह्म और जगत की एकता ✨ शास्त्र की घोषणा है— सत्य एक ही है, दूसरा कुछ है ही नहीं। यही है परम अद्वैत — यानी दो नहीं। संसार अनेक दिखाई देता है, लेकिन वास्तव में सब ब्रह्म ही है। अनेकता केवल दिखाई देती है, सत्य एक ही...

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🌟आख़िरी बात🌟 घड़ा हिले — झलक हिलती है, सूरज नहीं। पानी गंदा हो — झलक मैली होती है, सूरज नहीं। घड़ा फूटे — झलक मिटती है, सूरज नहीं। ठीक वैसे ही— शरीर बदले, बुद्धि डोले, यहाँ तक कि मृत्यु आए असली मैं को कुछ नहीं होता। अ...

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🌟आज का अभ्यास 🌟🌿 जब भी दुख की कोई बात मैं से जुड़ जाए— मैं थक गया मैं हार गया मैं छोटा पड़ गया बस एक पल रुकिए और पूछिए— यह कौन-सा ‘मैं’ बोल रहा है—घड़े वाला, या ऊपर वाला? जो थका, हारा, छोटा हुआ—वह सिर्फ़ एक झलक है। औ...

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🌟गुरु कहते हैं 🌟 शरीर घड़ा है, बुद्धि उसका पानी, और रोज़ का छोटा मैं — पानी में दिखती झलक। पर तू वह नहीं तू वह है जो इन तीनों को प्रकाशित करता है। स्वयं-प्रकाश आत्मा — असली सूरज। ☀️ हज़ार घड़े हों, पानी अलग-अलग हो, पर...

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🌟समझदार की नज़र क्या करती है?🌟 घड़ा देखा — कहा, यह सूरज नहीं। पानी देखा — कहा, यह सूरज नहीं। झलक देखी — कहा, यह भी सूरज नहीं। फिर गर्दन उठाई असली सूरज वहीं था! ☀️ जो सबको रोशन करता है, पर किसी में बंधता नहीं। जो दिख र...

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🌟गुरु कहते हैं—🌟 वत्स, यही भूल हर आदमी कर रहा है। ☀️ ऊपर का सूरज — आत्मा 🏺 घड़ा — शरीर 💧 पानी — बुद्धि ✨ पानी में दिखता सूरज — हमारा मैं शरीर बदला तो— मैं मोटा हो गया। बुद्धि उलझी तो— मैं परेशान हूँ। मान घटा तो— म...

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🌟☀️ सूरज मर गया!🌟 आप मुस्कुरा देंगे क्योंकि जानते हैं— सूरज को कुछ नहीं हुआ। जो टूटा, मैला हुआ, हिला— वह सिर्फ़ घड़े के पानी में पड़ा प्रतिबिंब था। जो दिखता है, वह मैं नहीं। जो देखता है, वही मैं हूँ। #विवेकचूड़ामणि...

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🌟क्या घड़े में दिखता सूरज ही असली सूरज है?🌟 ☀️ घड़ा हिला तो सूरज हिला, पानी गंदा हुआ तो सूरज मैला दिखा घड़ा टूट गया तो क्या सूरज भी टूट गया? नहीं। वह सिर्फ सूरज की परछाईं थी। ठीक वैसे ही, शरीर और मन में दिखाई देने व...

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🌟आख़िरी बात 🌟 साक्षी का नियम — हर अनुभव का एक जानने वाला है। और जानने वाले का जानने वाला? — वह अपना गवाह आप है, दीये की तरह। उसकी पहचान? — मैं-मैं की वह धड़कन, जो तीनों अवस्थाओं में एक-सी गूँजती है। लेकिन एक भूल-भुल...

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🌟 🪔 आत्मा अपना गवाह आप है।🌟 दीये को देखने के लिए दूसरा दीया नहीं चाहिए। सूरज को देखने के लिए मशाल नहीं चाहिए। वह अपने ही प्रकाश में प्रकाशित है। वैसे ही— मैं हूँ यह जानने के लिए किसी प्रमाण, आईने या किसी दूसरे व्यक्त...

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🌟 सिर्फ़ वही गवाह है — जिसने देखा हो।🌟 बचपन बीता — गवाह कौन? सपना आया — गवाह कौन? गहरी नींद आई — फिर भी कहने वाला कौन? हर अनुभव के पीछे एक अनुभव करने वाला है। जो बदलता रहा, वह दृश्य है। जो हर बदलाव की गवाही देता रहा —...

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🌟आज मिलेगा — साक्षी का नियम🌟 अदालत में गवाह वही बन सकता है, जो घटना से अलग होकर उसे देख सके। ठीक वैसे ही पूछिए— जो शरीर, सांस और मन को देख रहा है वह कौन है? जो दिखता है, वह मैं नहीं। जो देखता है, वही मैं हूँ। #विवे...

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🎀 Happy Raksha Bandhan! ❤️ Celebrate the bond of love with our Special Raksha Bandhan Offers! 🎁✨ Shop now & make this Raksha Bandhan extra special. 💝 🛍️ Shop Now – LoveArts 📞 Call/WhatsApp: 8510807772 #HappyRaksha...

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🗣️ Shivansh practicing articulation & tongue exercises! 🌟 Speech Therapy helps children and adults improve communication, language, speech clarity, and swallowing skills, including challenges such as stuttering, unclea...

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✨आज का अभ्यास ✨🌿 आज रात आँखें बंद करके भीतर देखिए। खालीपन या अँधेरा दिखे तो घबराइए नहीं—बस मुस्कुराइए। 😊 धीरे से पूछिए— यह खालीपन दिख रहा है किसे? यह अँधेरा पता चल रहा है किसे? जो इसे जान रहा है, क्या वह भी खाली है?...

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✨खाली कमरे का खालीपन भी कोई देख रहा था✨ अँधेरे का अनुभव भी कोई कर रहा था। जो सबको जानता है, लेकिन स्वयं किसी दृश्य की तरह दिखाई नहीं देता—वही आत्मा है। आत्मा को खोज नहीं सकते, क्योंकि खोजने वाला ही वह है। 👁️ जो दिखता...

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✨गुरु की शाबाशी — फिर एक बार 🙏 गुरु कहते हैं— वाह विद्वन्! तूने बिल्कुल ठीक पहचाना—शून्य ही दिखता है। अब बस एक छोटा-सा कदम और यही आख़िरी कदम है। और फिर गुरु वह वाक्य कहते हैं, जो सदियों से साधकों की सबसे बड़ी गाँठ खोल...

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✨शिष्य की उलझन ✨ शिष्य पूछता है— गुरुदेव! शरीर, साँस, मन, बुद्धि और सुख—सबको ‘मैं नहीं’ मान लिया। लेकिन भीतर देखता हूँ तो कुछ दिखाई ही नहीं देता बस शून्य और अँधेरा! तो क्या आत्मा शून्य है? यही एक गहरा सवाल है। आँखें ब...

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80th Independence Day 2026 Manovikas Charitable Society proudly celebrates India’s spirit of freedom, unity, dignity, and equality. Let us honour our freedom fighters and build an India where everyone is respected, in...

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